Cyclone Nisarga Landfall LIVE tatus Update | Maharashtra Mumbai News Today | India Meteorological Department (IMD) Cyclone Nisarga Latest News and Updates On Maharashtra Mumbai Gujarat | एक घंटे में महाराष्ट्र से टकरा सकता है तूफान, पूरी तरह से गुजरने में 3 घंटे लगेंगे; गोवा के समुद्र में ऊंचा ज्वार उठा

  • 13 किमी/घंटे की रफ्तार से महाराष्ट्र के तट की ओर बढ़ रहा, अब यह गुजरात से नहीं टकराएगा
  • तूफान में फंसकर एक जहाज भटका और रत्नागिरी के भाटीमिर्या समुद्र तट पर पहुंचा
  • मुंबई से अभी 50 विमानों की आवाजाही हो रही थी, लेकिन तूफान की वजह से आज 19 ही उड़ान भरेंगे

दैनिक भास्कर

Jun 03, 2020, 12:58 PM IT

नई दिल्ली. अरब सागर में उठा चक्रवाती तूफान निसर्ग करीब एक घंटे बाद महाराष्ट्र के हरिहरेश्वर और दमन के बीच तट से टकरा सकता है। इस दौरान मुंबई, रायगढ़, ठाणे जिलों में हवा की रफ्तार 100 से 120 किमी/घंटे तक हो सकती है। अभी यह मुंबई से 150 किमी और रायगढ़ जिले के अलीबाग से 95 किलोमीटर दूर है। यह 13 किमी/घंटे की रफ्तार से महाराष्ट्र के तट की ओर बढ़ रहा है। तूफान के तट से टकराने की पूरी प्रक्रिया करीब 3 घंटे चलेगी। अभी इसके असर से गोवा के तट पर हाई-टाइड (ज्वार) आ रहा है। पहले इसके गुजरात से भी टकराने का अनुमान था। 

अपडेट्स…

  • निसर्ग तूफान में एक जहाज फंस गया और रत्नागिरी के भाटीमिर्या समुद्र तट पर पहुंच गया।
  • मुंबई के ससून डॉक परिसर में चक्रवाती तूफान आने से पहले समुद्र बहुत ही अशांत नजर आया। चूंकि यह मछुआरों का इलाका है। लिहाजा यहां लगातार पुलिस बाइक से गश्त लगा रही है। पुलिस ससून डॉक के शेड के भीतर जाने और समुद्र तट के करीब खड़े न रहने की हिदायत दे रही है।
  • बृहन्नमुंबई महानगरपालिका लोगों को सलाह दी है कि भारी बारिश के दौरान वे घर से बवजह न निकलें। कार से निकलें तो उसमें हथौड़ी या कोई भारी औजर रखें, पानी में फंसकर कार का सेंट्रल लॉक जाम हो जाए तो कांच तोड़कर बाहर निकला जा सके। 
  • चक्रवात निसर्ग की वजह से मुंबई से सिर्फ 19 उड़ानों की आवाजाही होगी। इनमें से 11 मुंबई से जाने वाली और 8 आने वाली हैं। अभी यहां 50 उड़ानों का ही संचालन हो रहा था। मुंबई से चलने वाली 5 ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है।
  • साइक्लोन निसर्ग का दायरा बीते एक घंटे में 65 किमी कम हुआ है। हवा की रफ्तार 85-95 किमी/घंटे से बढ़कर 90-100 किमी/घंटे हो गई है। 
  • महाराष्ट्र के पालघर जिले के गांवों से 21 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। जिले के सभी उद्योगों और बाजारों को बंद कर दिया गया है। मछुआरों से 4 जून तक समुद्र में न जाने को कहा गया है। 
  • तूफान को देखते हुए पश्चिम नौसेना कमान ने अपनी सभी टीमों को सतर्क कर दिया है। नौसेना ने 5 बाढ़ टीम और 3 गोताखोरों टीमों को मुंबई में तैयार रखा है। 
  • चक्रवात निसर्ग के मद्देनजर एनडीआरएफ की टीमें आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा से मुंबई पहुंच गई हैं।

सवाल-जवाब में समझें निसर्ग तूफान को

तूफान कहां उठा?
यह 1 जून को अरब सागर के मध्य-पश्चिम तटीय क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बना, जो चक्रवात में बदल गया। तब यह कम दबाव का क्षेत्र मुंबई से 630 किमी दक्षिण और दक्षिण पश्चिम था। 

यह कहां और कब टकराएगा?
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के अलीबाग इलाके में दोपहर 1 बजे से 4 बजे के बीच टकराएगा। 

इसका असर क्या हो रहा?
तूफान के असर से मुंबई और गोवा में बारिश हो रही है। बुधवार को मुंबई में 27 सेमी से ज्यादा बारिश होने का अनुमान है। समुद्र में 2 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं। तूफान की आशंका वाले जिलों में बिजली-पानी की सप्लाई बंद की जा रही है। दक्षिण गुजरात के वलसाड़, नवसारी, सूरत के अलावा दमन, दादरा और नागर हवेली में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मध्यप्रदेश के भाेपाल, उज्जैन, इंदाैर, ग्वालियर संभाग के कुछ जिलाें और शहराें में भारी या अति भारी बारिश के आसार हैं। ।

इससे क्या नुकसान हो सकता है?
पालघर में देश का सबसे पुराना तारापुर एटॉमिक पॉवर प्लांट है। मुंबई में बार्क (भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर) है। इन्हें नुकसान पहुंचा तो बिजली संप्लाई बंद हो सकती है। रायगढ़ में भी पॉवर, पेट्रोलियम, केमिकल्स और कुछ दूसरी अहम इंडस्ट्रीज हैं। मुंबई में जवाहरलाल नेहरू पोर्ट और नेवी के अहम रणनीतिक ठिकाने हैं। तूफान से इन्हें भी खतरा है।

महाराष्ट्र में तूफान कितने साल बाद आया है?
मौसम विभाग के साइक्लोन ई-एटलस के मुताबिक, 1891 के बाद पहली बार महाराष्ट्र के तटीय इलाके के आसपास साइक्लोन का खतरा मंडराया है। इससे पहले 1948 और 1980 में ऐसे हालात बने थे, लेकिन वह चक्रवात में बदल पाया इसे लेकर मतभेद हैं। 

दो हफ्ते में यह दूसरा तूफान कैसे?
21 मई को अम्फान तूफान आया था। ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटवर्ती इलाकों में तबाही मचाई थी। इसके दो हफ्ते बाद ही अब निसर्ग तूफान आ रहा है।

इसका नाम किसने रखा?
इस तूफान का निसर्ग नाम बांग्लादेश ने दिया है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बनने वाले तूफानों के नाम बांग्लादेश, भारत, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका और थाईलैंड देते हैं। भारतीय मौसम विभाग ने अप्रैल 2020 में चक्रवातों की नई सूची जारी की। नई सूची में निसर्ग, अर्नब, आग, व्योम, अजार, तेज, गति, पिंकू और लूलू जैसे 160 नाम शामिल हैं। पिछली लिस्ट का आखिरी नाम अम्फान था। यह नाम थाईलैंड ने दिया था। (पूरी खबर यहां पढ़ें)

केंद्र और राज्यों की क्या तैयारी है?
महाराष्ट्र में एनडीआरएफ की 20 टीमें तैनात की गई हैं। इनमें से मुंबई में 8, रायगढ़ में 5, पालघर में 2, ठाणे में 2, रत्नागिरी में 2 और सिंधुदुर्ग में 1 टीम राहत और बचाव का काम करेगी। नौसेना ने मुंबई में 5 फ्लड रेस्क्यू टीम और 3 गोताखोर टीम तैनात की हैं। उधर, गुजरात में एनडीआरएफ की 16 टीमों को भेजा गया है। यहां के तटीय जिलाें में 80 हजार लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया जा चुका है। दोनों राज्यों के 11 जिलों में अलर्ट है। 

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